Skip to content

12 फरवरी 2026 की हड़ताल को परिसंघ की मंजूरी, अप्रैल में हैदराबाद में होगी ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस


केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और श्रमिकों के देशव्यापी आंदोलन को मजबूती देते हुए केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं श्रमिक परिसंघ (Confederation of Central Government Employees & Workers) ने 12 फरवरी 2026 की एक दिवसीय हड़ताल को औपचारिक रूप से समर्थन देने की घोषणा कर दी है। यह निर्णय परिसंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (NEC) की वर्चुअल बैठक में लिया गया, जो 20 जनवरी 2026 को आयोजित हुई थी।

इस संबंध में परिसंघ द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी परिपत्र में हड़ताल की भागीदारी, संगठनात्मक तैयारियों और आगामी ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस (AIC) के आयोजन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी गई है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का विवरण

परिसंघ की यह बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता परिसंघ के अध्यक्ष ने की। बैठक में 7 राज्य समन्वय समितियों (State CoCs) और 10 संबद्ध संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 19 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया।

बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष द्वारा सभी सदस्यों का स्वागत किया गया और एक मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद महासचिव ने एजेंडा प्रस्तुत करते हुए पिछली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के बाद हुए कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

पूर्व आंदोलनों की समीक्षा

महासचिव ने बताया कि परिसंघ से जुड़े संगठनों ने 9 जुलाई की हड़ताल, 20 अगस्त 2025 और 16 दिसंबर 2025 को आयोजित लंच ऑवर प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी की। हालांकि, 16 दिसंबर का प्रदर्शन लगभग 65 प्रतिशत कार्यस्थलों तक ही सीमित रहा, जिसे आंशिक सफलता माना गया।

इसके अलावा, 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय श्रमिक सम्मेलन के निर्णयों की भी जानकारी दी गई, जिसमें 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUs) और स्वतंत्र महासंघों ने भाग लिया था। इसी सम्मेलन में 12 फरवरी 2026 को लेबर कोड कानूनों के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया गया था।

12 फरवरी 2026 की हड़ताल का समर्थन

बैठक में मौजूद सभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों ने 12 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल पर अपने विचार रखे और संगठनात्मक स्थिति से अवगत कराया। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:

  • परिसंघ 12 फरवरी 2026 की हड़ताल का पूर्ण समर्थन करेगा
  • यह हड़ताल परिसंघ के चार्टर ऑफ डिमांड्स (भाग-A) तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं अन्य संगठनों की क्षेत्रीय मांगों (भाग-B) के आधार पर आयोजित की जाएगी।

यह हड़ताल विशेष रूप से नए श्रम संहिता कानूनों (Labour Codes) के कार्यान्वयन के विरोध और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर की जा रही है।

राज्य स्तर पर अभियान और जनसंपर्क

परिसंघ ने सभी राज्य समन्वय समितियों (State CoCs) को निर्देश दिया है कि वे:

  • हड़ताल से पहले राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करें
  • व्यापक प्रचार और जनसंपर्क अभियान चलाएं
  • अधिक से अधिक कार्यालयों और कर्मचारियों तक पहुंच बनाएं
  • सामान्य सदस्यों को हड़ताल में भाग लेने के लिए प्रेरित करें

इसके साथ ही, राष्ट्रीय सचिवालय के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों और आसपास के सर्किलों में सक्रिय अभियान चलाएंगे ताकि हड़ताल को व्यापक समर्थन मिल सके।

ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 का ऐलान

बैठक का एक और महत्वपूर्ण निर्णय ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस (AIC) से जुड़ा रहा। तय किया गया कि:

  • परिसंघ की ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी
  • स्थान: हैदराबाद
  • आयोजक: आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्य समन्वय समिति (AP & Telangana CoC)

यह सम्मेलन परिसंघ की भविष्य की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आगे की कार्ययोजना

परिसंघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि जल्द ही एक विस्तृत परिपत्र जारी किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित जानकारियां शामिल होंगी:

  • हड़ताल का औपचारिक नोटिस
  • चार्टर ऑफ डिमांड्स
  • प्रचार-प्रसार एवं अभियान कार्यक्रम
  • दौरा कार्यक्रम और संगठनात्मक निर्देश

निष्कर्ष

12 फरवरी 2026 की हड़ताल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण आंदोलन साबित हो सकती है। परिसंघ का समर्थन मिलने से इस हड़ताल को न केवल संगठनात्मक ताकत मिली है, बल्कि देशभर में कर्मचारियों के बीच एकजुटता का संदेश भी गया है। आने वाले समय में राज्य स्तरीय अभियानों और अप्रैल में होने वाली ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस, हैदराबाद से इस आंदोलन को और गति मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *