
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण पेश किया है। आज 18 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹2,000 करोड़ से अधिक की प्रथम किस्त का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से डिजिटल हस्तांतरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, बिना किसी बिचौलिये या भ्रष्टाचार के। डिजिटल ट्रांसफर प्रणाली ने यह सुनिश्चित किया है कि सहायता राशि समय पर और पारदर्शी तरीके से लोगों के खातों में पहुंचे।
डिजिटल उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और मजबूत करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन के तहत उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। DBT के माध्यम से अब तक करोड़ों लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।
उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल हस्तांतरण से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकारी धन की बचत भी हुई है और वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंची है।
लाभार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव
इस योजना के तहत मिली पहली किस्त से प्रदेश के लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। कई लाभार्थियों ने बताया कि यह राशि उनके लिए रोजगार, व्यवसाय, शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक साबित होगी।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लाभार्थियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की और इसे गरीब, किसान, श्रमिक और मध्यम वर्ग के हित में उठाया गया बड़ा फैसला बताया।
पारदर्शी शासन का मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकारों के समय योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार में “जो कहा, वही किया” की नीति पर काम हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि हर योजना का लाभ ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के तहत DBT को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर डिजिटल धन हस्तांतरण से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। जब सीधे लोगों के हाथ में पैसा पहुंचता है, तो बाजार में मांग बढ़ती है, जिससे रोजगार और व्यापार को प्रोत्साहन मिलता है।
आगे भी जारी रहेगा लाभार्थियों को सहयोग
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यह केवल पहली किस्त है और आने वाले समय में योजनाओं के तहत आगे भी सहायता राशि लाभार्थियों को प्रदान की जाएगी। सरकार निरंतर यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
यह डिजिटल हस्तांतरण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के संकल्प को दर्शाता है और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है।