
देशभर के EPS (Employees’ Pension Scheme, 1995) पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक अहम आदेश जारी करते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनवाने की पूरी तरह मुफ्त सुविधा शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुज़ुर्ग और असहाय पेंशनर्स को बार-बार बैंक या कार्यालय के चक्कर लगाने से बचाना है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्या है?
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट वह प्रमाण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पेंशनर जीवित है और उसे पेंशन मिलती रहे। हर साल यह प्रमाण देना अनिवार्य होता है। पहले यह प्रक्रिया बैंक जाकर या EPFO कार्यालय में जाकर पूरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब तकनीक के ज़रिए इसे बेहद आसान बना दिया गया है।
क्यों ज़रूरी थी यह सुविधा?
देश में लाखों EPS पेंशनर्स ऐसे हैं जो:
- बहुत बुज़ुर्ग हैं या चलने-फिरने में असमर्थ हैं
- स्मार्टफोन या डिजिटल ऐप्स का उपयोग नहीं कर पाते
- दूर-दराज़ इलाकों में रहते हैं
इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए EPFO ने IPPB के साथ मिलकर डोरस्टेप DLC सेवा शुरू की है, ताकि पेंशनर्स को किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी पेंशन बिना रुके मिलती रहे।
कैसे काम करेगी डोरस्टेप DLC सेवा?
इस व्यवस्था के तहत डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक पेंशनर के घर आएगा और वहीं पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करेगा। इसके लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो सरकार के जीवन प्रमाण प्लेटफॉर्म से जुड़ी होती है।
डाक कर्मचारी टैबलेट या बायोमेट्रिक डिवाइस के ज़रिए पेंशनर की पहचान सत्यापित करेगा और कुछ ही मिनटों में DLC जनरेट हो जाएगा। इसके बाद यह जानकारी सीधे EPFO के सिस्टम में पहुंच जाएगी।
पेंशनर्स को कितना शुल्क देना होगा?
इस सेवा की सबसे खास बात यह है कि पेंशनर्स से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। पूरी लागत EPFO द्वारा वहन की जाएगी। यानी न तो डाकिये को पैसे देने होंगे और न ही किसी तरह का सर्विस चार्ज।
सेवा का लाभ कैसे लें?
EPS पेंशनर या उनके परिवार के सदस्य:
- IPPB के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके
- या नज़दीकी डाकघर/IPPB शाखा से संपर्क करके
डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सेवा का अनुरोध कर सकते हैं। कई मामलों में EPFO पहले से ही जिन पेंशनर्स का DLC लंबित है, उनकी सूची IPPB को उपलब्ध करा सकता है, ताकि डाक कर्मचारी स्वयं संपर्क कर सकें।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
- पेंशनर का आधार नंबर और PPO (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) विवरण सही होना चाहिए
- DLC तभी मान्य होगा जब वह तय समयसीमा के भीतर या समाप्ति से 30 दिन पहले बनाया गया हो
- पहचान सत्यापन सफल होने पर ही प्रमाण स्वीकार किया जाएगा
पेंशनर्स के लिए कितना फायदेमंद?
यह पहल खासतौर पर:
- बुज़ुर्ग पेंशनर्स
- बीमार या दिव्यांग व्यक्तियों
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों
के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। इससे न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा।
निष्कर्ष
EPFO और IPPB की यह संयुक्त पहल “ईज़ ऑफ लिविंग” की दिशा में एक मजबूत कदम है। घर बैठे मुफ्त डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा से EPS पेंशनर्स को बड़ा सुकून मिलेगा और यह सुनिश्चित होगा कि किसी तकनीकी या शारीरिक परेशानी के कारण उनकी पेंशन न रुके। आने वाले समय में यह सेवा लाखों बुज़ुर्गों के जीवन को और सरल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।