
कर्मचारियों के वेतन निर्धारण (Pay Fixation) से जुड़ा विषय हमेशा से ही केंद्र सरकार के अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। इसी क्रम में Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें Pay Level-11 (Senior Time Scale / RPFC-II) के अधिकारियों के लिए FR 22(1)(a)(1) के अंतर्गत वेतन निर्धारण लाभ को केवल एक बार तक सीमित कर दिया गया है।
यह आदेश खासतौर पर उन अधिकारियों पर लागू होता है जो पहले Senior Time Scale (STS) प्राप्त करते हैं और बाद में Regional Provident Fund Commissioner Grade-II (RPFC-II) के पद पर पदोन्नत होते हैं।
पृष्ठभूमि क्या है?
EPFO में Assistant Provident Fund Commissioner (APFC) पद, आगे चलकर RPFC-II के लिए फीडर कैडर होता है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार, APFC को Senior Time Scale (STS) मिलने पर और RPFC-II के पद पर पदोन्नति होने पर, दोनों ही स्थितियों में अधिकारी Pay Level-11 में ही रहते हैं।
अब तक यह भ्रम बना हुआ था कि क्या अधिकारी दोनों अवसरों—
- STS मिलने पर
- RPFC-II में पदोन्नति पर
दोनों बार FR 22(1)(a)(1) के तहत वेतन निर्धारण का लाभ ले सकते हैं या नहीं।
EPFO के आदेश का मुख्य बिंदु
EPFO द्वारा जारी नवीन कार्यालय आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि:
Pay Level-11 में किसी अधिकारी को FR 22(1)(a)(1) के अंतर्गत वेतन निर्धारण का लाभ केवल एक ही बार दिया जाएगा।
अर्थात, अधिकारी चाहे यह लाभ STS के समय ले या RPFC-II में पदोन्नति के समय—दोनों अवसरों पर यह लाभ नहीं दिया जाएगा।
इसका सीधा अर्थ क्या है?
यदि किसी अधिकारी ने:
- STS (Senior Time Scale) प्राप्त करते समय
FR 22(1)(a)(1) के तहत वेतन निर्धारण का लाभ ले लिया है,
तो बाद में जब वही अधिकारी RPFC-II के पद पर पदोन्नत होगा, तो उसका वेतन निर्धारण FR 22(1)(a)(2) के अनुसार किया जाएगा, न कि FR 22(1)(a)(1) के तहत।
इसी तरह, यदि अधिकारी ने STS के समय यह लाभ नहीं लिया और सीधे RPFC-II पर पदोन्नति के समय लिया है, तो आगे दोबारा यह लाभ नहीं मिलेगा।
FR 22(1)(a)(1) और FR 22(1)(a)(2) में अंतर
FR 22(1)(a)(1)
- यह नियम तब लागू होता है जब पदोन्नति में अधिक जिम्मेदारियाँ और उच्च पद शामिल हों।
- इसमें अधिकारी को कुछ मामलों में अगली वेतन वृद्धि (increment) से वेतन निर्धारण कराने का विकल्प भी मिलता है, जिससे वेतन में अपेक्षाकृत अधिक लाभ हो सकता है।
FR 22(1)(a)(2)
- यह नियम तब लागू होता है जब पदोन्नति या नियुक्ति में वेतन स्तर समान रहता है या पहले ही एक बार FR 22(1)(a)(1) का लाभ लिया जा चुका हो।
- इसमें वेतन केवल अगले उपलब्ध स्तर पर निर्धारित किया जाता है, अतिरिक्त विकल्प सीमित होते हैं।
अधिकारियों पर इसका प्रभाव
इस आदेश के बाद अधिकारियों को अब यह निर्णय सोच-समझकर लेना होगा कि वे FR 22(1)(a)(1) का लाभ किस चरण पर लें। क्योंकि एक बार यह लाभ ले लेने के बाद, उसी Pay Level-11 में दोबारा इसका फायदा नहीं मिलेगा।
व्यवहारिक रूप से इसका अर्थ यह है कि:
- STS पर लाभ लेने से भविष्य में RPFC-II पदोन्नति पर वेतन वृद्धि सीमित हो सकती है।
- वहीं, STS पर लाभ न लेकर RPFC-II पर लेने से कुछ अधिकारियों को दीर्घकालीन लाभ मिल सकता है।
निष्कर्ष
EPFO का यह आदेश वेतन निर्धारण से जुड़े भ्रम को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक स्पष्टता आएगी और सभी अधिकारियों के लिए एक समान नियम लागू होगा। हालांकि, यह निर्णय अधिकारियों के लिए रणनीतिक बन गया है, क्योंकि अब उन्हें अपने करियर के हर चरण पर वेतन निर्धारण से जुड़े विकल्पों को सावधानी से चुनना होगा।
कुल मिलाकर, Pay Level-11 में FR 22(1)(a)(1) का लाभ अब “एक अवसर, एक लाभ” के सिद्धांत पर आधारित होगा, जो EPFO की वेतन व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता को मजबूत करता है।