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रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026: गजट अधिसूचना G.S.R. 23(E) (RBE No. 07/2026)

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भारत सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के पेंशन ढांचे को अधिक स्पष्ट, समेकित और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026 लागू किए हैं। यह नियम गजट अधिसूचना संख्या G.S.R. 23(E) के अंतर्गत प्रकाशित किए गए हैं और RBE No. 07/2026 के माध्यम से रेलवे बोर्ड द्वारा सभी ज़ोनल रेलवे और संबंधित कार्यालयों को सूचित किए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

ये नियम Ministry of Railways द्वारा संविधान के अनुच्छेद 309 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाए गए हैं। इससे पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए पेंशन संबंधी प्रावधान रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 1993 के तहत लागू थे, जिन्हें अब 2026 के नए नियमों द्वारा सुव्यवस्थित और अद्यतन किया गया है।

नियमों का दायरा और लागू होने की तिथि

रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026 अधिकांश प्रावधानों के लिए गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू हो गए हैं, जबकि कुछ विशेष नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू माना गया है। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को लाभ देना है जिनकी सेवा शर्तों पर पहले से ही संबंधित प्रावधान लागू माने जाते रहे हैं। ये नियम सभी नियमित रेलवे कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो पुरानी पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आते हैं।

पेंशन के प्रमुख प्रावधान

इन नियमों में सेवानिवृत्ति पेंशन, सेवानिवृत्ति उपदान (ग्रेच्युटी), पारिवारिक पेंशन और मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। नियमों के अनुसार, न्यूनतम निर्धारित अर्हक सेवा पूरी करने पर कर्मचारी पेंशन का पात्र होगा। पेंशन की गणना अंतिम वेतन या औसत वेतन के आधार पर की जाएगी, जिससे कर्मचारी को उसके सेवा काल के अनुरूप उचित लाभ मिल सके।

पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था

रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026 में पारिवारिक पेंशन को विशेष महत्व दिया गया है। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार के सदस्यों—जैसे पति/पत्नी और पात्र बच्चों—को पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि कर्मचारी के निधन के बाद भी उसके परिवार को आर्थिक सहायता मिलती रहे।

पेंशन रोकने या घटाने के प्रावधान

नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गंभीर अनुशासनहीनता या दोषसिद्धि की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पेंशन को आंशिक या पूर्ण रूप से रोका जा सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और पेंशन प्रणाली की गरिमा को सुरक्षित रखना है।

पुराने नियमों से संबंध

रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026 मूल रूप से पुराने नियमों का स्थान लेते हैं और उन्हें अधिक सरल तथा व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करते हैं। इससे रेलवे प्रशासन को पेंशन मामलों के निपटारे में सुविधा मिलेगी और कर्मचारियों को अपने अधिकारों की स्पष्ट जानकारी प्राप्त होगी। यह नियम उन कर्मचारियों के लिए भी मार्गदर्शक हैं जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं और अपनी भविष्य की वित्तीय योजना बनाना चाहते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, रेलवे सेवा (पेंशन) नियम, 2026 रेलवे कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार माने जा सकते हैं। ये नियम न केवल पेंशन प्रणाली को कानूनी मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का भरोसा भी देते हैं। पारदर्शिता, स्पष्टता और समेकन के साथ ये नियम भारतीय रेलवे की मानव संसाधन नीति में एक अहम कदम हैं।

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