
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस इस बार एक नई भावना, समावेशिता और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नागरिकों के सम्मान के साथ मनाया जाएगा। 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य गणतंत्र दिवस परेड को देखने के लिए देशभर से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई है।
आम नागरिकों को सम्मान देने की अनूठी पहल
पिछले कुछ वर्षों से गणतंत्र दिवस समारोह में सरकार का फोकस केवल वीआईपी संस्कृति तक सीमित न रहकर आम नागरिकों को सम्मान देने पर रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार उन लोगों को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचार, सेवा और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम योगदान दिया है।
इन विशेष अतिथियों का चयन इस उद्देश्य से किया गया है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले गुमनाम नायकों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान और सम्मान मिल सके।
किन-किन वर्गों से चुने गए विशेष अतिथि
गणतंत्र दिवस 2026 के लिए आमंत्रित अतिथियों में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। इनमें शामिल हैं:
- विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के विजेता खिलाड़ी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया।
- प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दे रहे हैं।
- दलहन, तिलहन और मक्का उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान, जिन्हें सरकारी आत्मनिर्भरता मिशन के तहत सहायता मिली।
- पीएम स्माइल योजना के अंतर्गत पुनर्वासित ट्रांसजेंडर और भिक्षावृत्ति छोड़ चुके लोग, जो आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुके हैं।
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लाभार्थी, जिन्होंने जनजातीय विकास में नई दिशा दी।
- मैत्री (MAITRI) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित ग्रामीण पशुपालन तकनीशियन, जो किसानों की आय बढ़ाने में सहायक बने।
विज्ञान, तकनीक और नवाचार को विशेष महत्व
गणतंत्र दिवस 2026 में विज्ञान और तकनीक क्षेत्र के योगदानकर्ताओं को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत उत्पादन और इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण से जुड़े उद्योग प्रमुख।
- इसरो मिशनों जैसे गगनयान और चंद्रयान में अहम भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ।
- डीप ओशन मिशन से जुड़े शोधकर्ता और वैज्ञानिक।
- चिकित्सा, औद्योगिक और कृषि उपयोग के लिए आइसोटोप उत्पादन में नवाचार करने वाले शोधकर्ता।
- डीआरडीओ के प्रमुख रक्षा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे उत्कृष्ट वैज्ञानिक।
यह पहल भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति को जनसामान्य के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
युवा शक्ति और स्टार्टअप्स को भी मंच
देश की युवा शक्ति और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष स्थान दिया गया है।
- अटल टिंकरिंग लैब्स में प्रशिक्षित मेधावी छात्र।
- सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप्स और एमएसएमई।
- अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी।
- महिला उत्पादक समूह, जिन्हें डेयरी और जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण और ऋण सहायता मिली।
- खादी विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित कारीगर, जो स्वदेशी उद्योग को सशक्त बना रहे हैं।
समावेशी भारत की झलक
इस वर्ष की परेड में जनजातीय समुदायों, महिला समूहों, ग्रामीण उद्यमियों, एमएसएमई, और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत का विकास केवल शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार का यह प्रयास एक समावेशी, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है।
राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का संदेश
गणतंत्र दिवस 2026 केवल एक समारोह नहीं, बल्कि यह संदेश है कि राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। जिन लोगों को आमंत्रित किया गया है, वे न केवल अपने क्षेत्र में प्रेरणा हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बनेंगे।
इस पहल के माध्यम से सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि देश का सम्मान केवल पद और शक्ति से नहीं, बल्कि परिश्रम, ईमानदारी और नवाचार से अर्जित किया जाता है।